षट्कर्म का अभ्यास कौन करे ? मेद:श्लेष्माधिक: पूर्वं षट्कर्माणि समाचरेत् । अन्यस्तु नाचरेत्तानि दोषाणां समभावत: ।। 21 ।। भावार्थ :- जिन व्यक्तियों के शरीर में चर्बी अर्थात मोटापा और कफ ज्यादा है उनको पहले आगे कही जाने वाली छ: शुद्धि क्रियाओं का अच्छे से अभ्यास करना चाहिए । इसके अलावा जिन व्यक्तियों के वात, …
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- Category: Hatha Pradipika








