क्रमान्यत्वं परिणामान्यत्वे हेतु: ।। 15 ।। शब्दार्थ :- क्रम ( क्रम ) अन्यत्वम् ( भिन्नता या अन्तर ) परिणाम ( फल या नतीजा ) अन्यत्वे ( भिन्नता या अन्तर ) हेतु ( कारण या वजह ) सूत्रार्थ :- क्रम की भिन्नता के कारण ही धर्मी के अलग- अलग परिणाम होते हैं । व्याख्या :- इस …
- Home
- |
- Category: Vibhuti Paad








