तदपि बहिरङ्गं निर्बीजस्य ।। 8 ।। शब्दार्थ :- तदपि ( वह भी अर्थात धारणा, ध्यान व समाधि भी ) निर्बीजस्य ( निर्बीज अथवा असम्प्रज्ञात समाधि के ) बहिरङ्गं ( बाहरी साधन हैं । ) सूत्रार्थ :- वह धारणा, ध्यान व समाधि भी निर्बीज अथवा असम्प्रज्ञात समाधि के बाहरी साधन हैं । व्याख्या …
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- Category: Vibhuti Paad








