तस्मात्सर्वेषु कालेषु मामनुस्मर युद्ध च । मय्यर्पितमनोबुद्धिर्मामेवैष्यस्यसंशयम् ।। 7 ।। व्याख्या :- इसलिए हे अर्जुन ! तुम सभी कालों में सदा मेरा ही स्मरण करते हुए युद्ध करो । इस प्रकार तुम अपने मन व बुद्धि को मुझमें अर्पित करके निश्चित रूप से मुझे ही प्राप्त करोगे, इसमें किसी प्रकार का कोई सन्देह …
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- Category: Bhagwad Geeta








