छ: आसुरी अवगुण ( आसुरी प्रवृत्ति के लक्षण ) दम्भो दर्पोऽभिमानश्च क्रोधः पारुष्यमेव च । अज्ञानं चाभिजातस्य पार्थ सम्पदमासुरीम् ।। 4 ।। व्याख्या :- अब श्रीकृष्ण आसुरी सम्पदा के साथ पैदा हुए लक्षणों का वर्णन करते हुए कहते हैं – हे पार्थ ! दम्भ ( स्वयं को झूठे रूप में प्रस्तुत करना …
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- Category: Bhagwad Geeta








