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Gheranda Samhita

Gheranda Samhita Ch. 7 [18-19]

अध्याय 7: समाधि

विष्णु की सर्वत्र विद्यमानता

मूल श्लोक · 7.18

जले विष्णु: स्थले विष्णुर्विष्णु: पर्वतमस्तके । ज्वालामालाकुले विष्णु: सर्वं विष्णुमयं जगत् ।। 18 ।।

भावार्थ

जल में विष्णु, स्थल ( भूमि ) में विष्णु, पर्वत के मस्तक अर्थात् चोटी पर विष्णु, ज्वालासमूह अर्थात् अग्नि में विष्णु का निवास है । यह पूरा जगत अर्थात् संसार विष्णु से युक्त ( परिपूर्ण ) है ।

विशेष

विष्णु का निवास कहाँ- कहाँ माना गया है ? उत्तर है जल, स्थल, पर्वत, अग्नि व सम्पूर्ण संसार में विष्णु का निवास कहा गया है ।

मूल श्लोक · 7.19

भूचरा: खेचराश्चामी यावन्तो जीवजन्तव: । वृक्षगुल्मलतावल्लीतृणाद्या वारि पर्वता: । सर्वं ब्रह्म विजानीयात् सर्वं पश्यति चात्मनि ।। 19 ।।

भावार्थ

भूमि पर घूमने वाले, आकाश में घूमने वाले जीवजन्तु, पेड़, गुल्म, लता ( टहनियाँ ), बेल, समुद्र और पर्वत इन सभी को ब्रह्म का ही अंश जानते हुए सभी को आत्मा में देखना चाहिए ।

Reader discussion

Comments (2)

These comments have been preserved from the original Dr. Somveer Yoga website.

  1. Aashish malhan

    dr sahab nice explain about visnu and barhm situation.

  2. Lata baisane

    धन्यवाद।